डिप्लोमा परीक्षा में हुई भारी लापरवाही—छात्रों का भविष्य दांव पर! युवा छात्र प्रतिनिधि तुलसी महतो ने प्रशासन को दी कड़ी चेतावनी.
Edited by Akshay prakash
रांची। झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (JUT) की बड़ी लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। पॉलिटेकनिक की 5वीं सेमेस्टर परीक्षा में बीटेक का प्रश्नपत्र बाँट दिया गया, जिससे हजारों छात्रों का करियर दांव पर लग गया। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों में हड़कंप मच गया और परीक्षा देने आए विद्यार्थियों ने इसे विश्वविद्यालय की घोर असावधानी बताया।जानकारी के अनुसार, Renewable Energy Technology विषय की परीक्षा में ऐसा प्रश्नपत्र दिया गया जो डिप्लोमा पाठ्यक्रम से मेल ही नहीं खाता था और प्रश्न का लेवल बहुत अधिक था । कई छात्रों ने बताया कि प्रश्न न तो पाठ्यक्रम में थे और न ही यूनिवर्सिटी की ओर से कभी पढ़ाए गए। इससे छात्रों का पूरा पेपर खराब हो गया और मानसिक दबाव बढ़ गया।
“यह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है”—तुलसी महतो.
मामले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तुलसी महतो, युवा छात्र प्रतिनिधि, टेक्निकल छात्र संघ* ने प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा—
“ऐसे गंभीर मामले छात्रों के भविष्य के साथ मज़ाक करने जैसे हैं।
विश्वविद्यालय
प्रशासन की यह लापरवाही अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है।”
उन्होंने आगे कहा—
“हम मांग करते हैं कि इस परीक्षा में हुई गड़बड़ियों पर तुरंत संज्ञान लिया जाए।
छात्रों को न्याय मिले, इसके लिए ठोस और पारदर्शी निर्णय लिया जाए।और भविष्य में ऐसी गलतियाँ न हों, इसकी सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।”
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र वितरण में गड़बड़ी के बाद मॉडरेशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी अपनी गलती छिपाने की कोशिश कर रही है।
छात्रों में बढ़ा आक्रोश—कड़े कदम की मांग
इस घटना से छात्रों और अभिभावकों में नाराज़गी बढ़ गई है।
सभी की मांग है कि—
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो
प्रभावित छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा या उचित समाधान दिया जाए
पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए
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