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Showing posts from December, 2025

सरकारी स्कूलों की परीक्षा नहीं, यूट्यूब वाला “पढ़ाई मेला”,JAC परीक्षा में पढ़ाई गई छुट्टी, नकल को मिली VIP एंट्री!

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सरकारी स्कूलों की परीक्षा नहीं, यूट्यूब वाला “पढ़ाई मेला”,JAC परीक्षा में पढ़ाई गई छुट्टी, नकल को मिली VIP एंट्री! Edited by:Akshay Kumar  झारखंड।कभी स्कूल को ज्ञान का मंदिर कहा जाता था,अब लगता है ये बन गया है— “मोबाइल का दरबार” * किताबों से दोस्ती टूटी, मोबाइल से यारी हो गई,परीक्षा आई तो समझो, यूट्यूब हमारी हो गई!* *परीक्षा कल, पेपर आज – वाह रे व्यवस्था!* कक्षा 8 की संस्कृत और गणित की परीक्षा 23 दिसंबर को थी, *लेकिन साहब… 22 दिसंबर की सुबह से ही* *Question-Answer यूट्यूब पर ऐसे घूम रहे थे,जैसे कोई “Trending Reels” हो!* * बच्चे बोले—* *“सर, किताब खोलें या यूट्यूब सब्सक्राइब करें?”* * मेहनत करे वो बेवकूफ,जो ना देखे यूट्यूब का सूफ!*   *कक्षा 6 से 8 तक – ‘लीक एक्सप्रेस’ बिना ब्रेक शनिवार से परीक्षा शुरू हुई और साथ ही शुरू हो गई* डुमरी के एक सरकारी स्कूल में जब *कक्षा 8 के विज्ञान के पेपर से यूट्यूब वाले पेपर का मिलान हुआ,तो शिक्षक भी सोच में पड़ गए—* *“अरे! ये तो वही पेपर है… बस thumbnail अलग है!”* * जिस पेपर को ताले में रखना था,वो पहले ही वायरल हो गया,* *जो मेहनत से ...

क्रिसमस से पहले धनबाद पुलिस का बड़ा एक्शनहोटल-लॉज में छापा, हर ठहरने वाले की हुई पहचान जांच

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Edited by Akshay prakash  धनबाद:क्रिसमस पर्व से पहले अपराधियों की कमर तोड़ने और शहर को सुरक्षित रखने के लिए धनबाद पुलिस ने जिलेभर में जोरदार जांच अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के आदेश पर सिटी एसपी ऋतविक श्रीवास्तव के नेतृत्व में सभी थाना क्षेत्रों में एकसाथ कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, धर्मशाला और रिसॉर्ट को खंगाल डाला। कमरों में ठहरे लोगों की आईडी से लेकर एंट्री रजिस्टर तक की सख्त जांच हुई। बिना पहचान पत्र ठहराने वाले संचालकों को सीधी चेतावनी दी गई—नियम तोड़ोगे तो कार्रवाई तय है। अभियान के दौरान पुलिस ने साफ कहा कि हर होटल-लॉज में सीसीटीवी कैमरा और अग्निशामक उपकरण अनिवार्य हैं। लापरवाही मिलने पर कानूनी शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए। एसएसपी प्रभात कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि शहर की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाना को दें।  धनबाद पुलिस के इस सख्त एक्शन से असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट: अक्षय प्रकाश न्यूज संपादक...

रेलकर्मियों के अधिकारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

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रिपोर्ट: अक्षय प्रकाश न्यूज संपादक  धनबाद रेलकर्मियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना और उनकी सुरक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए आखिरी सांस तक संघर्ष जारी रहेगा। यह बातें ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) के महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव ने लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) के 101वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहीं। अपने जोशीले संबोधन में श्रीवास्तव ने कहा कि ईसीआर जोन में मान्यता प्राप्त करने के बाद जिस यूनियन को रेलकर्मियों ने भारी बहुमत से जीत दिलाई, वह एक वर्ष बीत जाने के बावजूद आज भी विजय जश्न में डूबी हुई है, जबकि रेलकर्मियों की वास्तविक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज ईसीआर जोन में ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर समेत सभी विभागों पर प्रशासन द्वारा काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन रेलकर्मियों के वाजिब अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए मौजूदा यूनियन पूरी तरह मौन है। श्रीवास्तव ने कहा, “यह स्थिति बेहद पीड़ादायक है। रेल कर्मचारी आज यह सोचकर पछता रहे हैं क...

₹4000 में अफसरी ढेर! घूस लेते ही फिसली कुर्सी, निगरानी ने रुला दिया

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रिपोर्ट : अक्षय प्रकाश न्यूज संपादक नोट आया, नोट आया, मैडम का दिल ललचाया,निगरानी ने मारी एंट्री, पूरा खेल पलटाया,कुर्सी गई, रौब गया, रह गया बस पछतावा,घूस का ये कारोबार, आखिर आंसू बन के आया! पटना/पूर्वी चंपारण :कहते हैं न—“जब किस्मत रूठे तो नोट भी गवाही दे देते हैं”। केसरिया प्रखंड में कुछ ऐसा ही हुआ। महिला सुपरवाइजर ₹4000 की रिश्वत लेने में लगी थीं, लेकिन पता नहीं था कि सामने वाला निगरानी का हीरो निकलेगा। बस फिर क्या—नोट हाथ में, अफसरी हवा में और आंसू जमीन पर!   कुर्सी थी सरकारी, दिमाग प्राइवेट! बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात अंबालिका कुमारी को लगा कि मामला रोज़ जैसा ही है—काम के बदले “थोड़ा खर्चा–पानी”। मगर आज खर्चा–पानी नहीं, पूरी कहानी बदलने वाली फिल्म चल रही थी।  * डायलॉग आया—“मैडम, नोट गिनिए…”* *जैसे ही पैसे थैले में गए—* *एंट्री हुई निगरानी की!कर्मचारी बोले—“आज तो मैडम की फाइल नहीं, मैडम खुद क्लोज हो गईं!”*  रोना धोना चालू, कानून टाइट हिरासत में लेते ही अफसरी का रौब गायब। चेहरा ढका, आंखें नम, लेकिन निगरानी बोली—  “आंसू बाद में, पहले कार्रवाई...