₹4000 में अफसरी ढेर! घूस लेते ही फिसली कुर्सी, निगरानी ने रुला दिया
रिपोर्ट : अक्षय प्रकाश न्यूज संपादक
नोट आया, नोट आया, मैडम का दिल ललचाया,निगरानी ने मारी एंट्री, पूरा खेल पलटाया,कुर्सी गई, रौब गया, रह गया बस पछतावा,घूस का ये कारोबार, आखिर आंसू बन के आया!
पटना/पूर्वी चंपारण :कहते हैं न—“जब किस्मत रूठे तो नोट भी गवाही दे देते हैं”। केसरिया प्रखंड में कुछ ऐसा ही हुआ। महिला सुपरवाइजर ₹4000 की रिश्वत लेने में लगी थीं, लेकिन पता नहीं था कि सामने वाला निगरानी का हीरो निकलेगा। बस फिर क्या—नोट हाथ में, अफसरी हवा में और आंसू जमीन पर!
कुर्सी थी सरकारी, दिमाग प्राइवेट!
बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात अंबालिका कुमारी को लगा कि मामला रोज़ जैसा ही है—काम के बदले “थोड़ा खर्चा–पानी”। मगर आज खर्चा–पानी नहीं, पूरी कहानी बदलने वाली फिल्म चल रही थी।
*डायलॉग आया—“मैडम, नोट गिनिए…”*
*जैसे ही पैसे थैले में गए—*
*एंट्री हुई निगरानी की!कर्मचारी बोले—“आज तो मैडम की फाइल नहीं, मैडम खुद क्लोज हो गईं!”*
रोना धोना चालू, कानून टाइट
हिरासत में लेते ही अफसरी का रौब गायब। चेहरा ढका, आंखें नम, लेकिन निगरानी बोली—
“आंसू बाद में, पहले कार्रवाई!
जनता बोली: “₹4000 में पूरा करियर सेल में चला गया!”
*दफ्तर बोला: “आज चाय ठंडी है, मैडम गर्म!”*
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