रेलकर्मियों के अधिकारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

रिपोर्ट: अक्षय प्रकाश न्यूज संपादक 

धनबाद रेलकर्मियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना और उनकी सुरक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए आखिरी सांस तक संघर्ष जारी रहेगा। यह बातें ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) के महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव ने लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) के 101वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहीं।
अपने जोशीले संबोधन में श्रीवास्तव ने कहा कि ईसीआर जोन में मान्यता प्राप्त करने के बाद जिस यूनियन को रेलकर्मियों ने भारी बहुमत से जीत दिलाई, वह एक वर्ष बीत जाने के बावजूद आज भी विजय जश्न में डूबी हुई है, जबकि रेलकर्मियों की वास्तविक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज ईसीआर जोन में ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर समेत सभी विभागों पर प्रशासन द्वारा काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन रेलकर्मियों के वाजिब अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए मौजूदा यूनियन पूरी तरह मौन है।
श्रीवास्तव ने कहा,
“यह स्थिति बेहद पीड़ादायक है। रेल कर्मचारी आज यह सोचकर पछता रहे हैं कि उन्होंने किस यूनियन पर भरोसा किया, जहां उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नेतृत्वकर्ता नजर नहीं आता।”
अधिवेशन में मौजूद ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री सह AIRF वर्किंग कमिटी मेंबर मो. ज़्याऊद्दीन ने कहा कि ईसीआरकेयू के लड़ाकू साथी मान्यता न होने के बावजूद आज भी रेलकर्मियों के सुख-दुख में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि ईसीआरकेयू ने हमेशा रेलकर्मियों की आवाज बुलंद की है और आगे भी हर संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
वहीं धनबाद मंडल के ईसीआरकेयू मीडिया प्रभारी एन.के. खवास ने बताया कि इस अधिवेशन में धनबाद मंडल से मो. ज़्याऊद्दीन के अलावा केंद्रीय संगठन मंत्री नेताजी सुभाष, उमेश कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, आर.एन. चौधरी, बी.के. साव सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
रिपोर्ट: अक्षय प्रकाश न्यूज संपादक 

धनबाद:रेलकर्मियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना और उनकी सुरक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए आखिरी सांस तक संघर्ष जारी रहेगा। यह बातें ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) के महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव ने लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) के 101वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहीं।
अपने जोशीले संबोधन में श्रीवास्तव ने कहा कि ईसीआर जोन में मान्यता प्राप्त करने के बाद जिस यूनियन को रेलकर्मियों ने भारी बहुमत से जीत दिलाई, वह एक वर्ष बीत जाने के बावजूद आज भी विजय जश्न में डूबी हुई है, जबकि रेलकर्मियों की वास्तविक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि आज ईसीआर जोन में ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर समेत सभी विभागों पर प्रशासन द्वारा काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन रेलकर्मियों के वाजिब अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए मौजूदा यूनियन पूरी तरह मौन है।
श्रीवास्तव ने कहा,
“यह स्थिति बेहद पीड़ादायक है। रेल कर्मचारी आज यह सोचकर पछता रहे हैं कि उन्होंने किस यूनियन पर भरोसा किया, जहां उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नेतृत्वकर्ता नजर नहीं आता।”
अधिवेशन में मौजूद ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री सह AIRF वर्किंग कमिटी मेंबर मो. ज़्याऊद्दीन ने कहा कि ईसीआरकेयू के लड़ाकू साथी मान्यता न होने के बावजूद आज भी रेलकर्मियों के सुख-दुख में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि ईसीआरकेयू ने हमेशा रेलकर्मियों की आवाज बुलंद की है और आगे भी हर संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
वहीं धनबाद मंडल के ईसीआरकेयू मीडिया प्रभारी एन.के. खवास ने बताया कि इस अधिवेशन में धनबाद मंडल से मो. ज़्याऊद्दीन के अलावा केंद्रीय संगठन मंत्री नेताजी सुभाष, उमेश कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, आर.एन. चौधरी, बी.के. साव सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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