मददगार अनिमेश सिंह” – धनबाद की पहचान बन चुके इंसानियत के सच्चे प्रतीक
कोरोना काल से लेकर आज तक लगातार समाजसेवा में सक्रिय, जनता ने दिया नया नाम — ‘जनता का आदमी’
धनबाद,समाज में ऐसे लोग बहुत कम देखने को मिलते हैं जो निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद को ही अपना जीवन-धर्म मानते हों। धनबाद के युवा समाजसेवी अनिमेश सिंह उन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने बचपन से ही सेवा और इंसानियत को अपनी पहचान बना लिया। आज पूरे शहर में वे “मददगार अनिमेश” के नाम से जाने जाते हैं।
बचपन से ही समाज सेवा की ओर रुझान
अनिमेश सिंह ने बचपन से ही जरूरतमंदों की मदद को अपनी प्राथमिकता बनाया। वे कई सामाजिक संगठनों और एनजीओ से जुड़े हुए हैं, जो गरीबों, असहायों और वंचित वर्गों की मदद में सक्रिय रहते हैं।
कोरोना काल में बने जीवनदाता
कोरोना महामारी के सबसे कठिन दिनों में जब पूरा देश भय और असहायता से घिरा हुआ था, तब अनिमेश सिंह ने इंसानियत की मशाल जलाए रखी।
उन्होंने संक्रमित क्षेत्रों में जाकर जरूरतमंदों तक ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, दवाइयाँ और भोजन पहुँचाया।
इतना ही नहीं, उन्होंने उन लोगों का अंतिम संस्कार भी कराया जिन्हें कोई अपना उठाने वाला नहीं था।
उनके इस कार्य के लिए धनबाद के कई परिवार आज भी उन्हें दुआएँ देते हैं।
रक्तदान अभियान को दिया नया रूप
अनिमेश सिंह हर तीन महीने में स्वयं रक्तदान करते हैं और युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं।
उनके नेतृत्व में अब तक कई ब्लड डोनेशन कैम्प्स आयोजित हो चुके हैं, जिनसे सैकड़ों मरीजों की जान बची है।
उनका मानना है —
> “रक्तदान केवल सेवा नहीं, यह इंसानियत का सबसे सशक्त रूप है।”
जनता के बीच लोकप्रिय चेहरा
धनबाद की गलियों से लेकर बस्तियों तक, हर जगह एक ही नाम गूंजता है — “अनिमेश भाई।”
वे हर वर्ग और हर उम्र के लोगों के बीच लोकप्रिय हैं क्योंकि उनकी पहचान केवल एक समाजसेवी की नहीं, बल्कि ऐसे इंसान की है जो किसी भी समय, किसी की भी मदद के लिए तैयार रहते हैं।
लोगों का कहना है —
> “अनिमेश सिंह वो इंसान हैं जो सिर्फ वादे नहीं, बल्कि कर्म से जनता का दिल जीतते हैं।”
जनता की उम्मीद
धनबाद के लोग मानते हैं कि अगर अनिमेश सिंह जैसे कर्मशील और संवेदनशील युवाओं को समाज की सेवा का बड़ा अवसर मिले, तो शहर की तस्वीर जरूर बदलेगी।
आज उन्हें हर कोई “जनता का आदमी, जनता की पसंद” कहकर संबोधित करता है।
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