धनबाद में किन्नर समाज की अनोखी आस्था, नवरात्रि पूजा के बाद कलश विसर्जन


Edited by Akshay prakash 


एकादशी के दिन मनईटांड छठ तालाब में भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम


धनबाद में शुक्रवार को एकादशी के दिन भक्ति और अध्यात्म का एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब किन्नर समाज के सदस्यों ने मनईटांड स्थित छठ तालाब में नवरात्रि पूजा के उपरांत कलश विसर्जन की परंपरा निभाई।
यह अनुष्ठान झारखंड किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य एवं ज़िला किन्नर समाज की अध्यक्ष सुनयना सिंह किन्नर के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
नवरात्रि के शुभ अवसर पर किन्नर समाज ने पिछले नौ दिनों तक माता दुर्गा की आराधना की। विधि-विधान से कलश स्थापना की गई और प्रतिदिन पूजन-अर्चन के साथ देवी की आराधना की गई। एकादशी के दिन विधिवत पूजा सम्पन्न कर कलश को जल में विसर्जित किया गया, जो नवरात्रि अनुष्ठान के समापन का प्रतीक है।

सुनयना सिंह किन्नर ने कहा:

 “हर साल हमारा समुदाय देवी दुर्गा की पूजा बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से करता है। नवरात्रि केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि यह समाज में प्रेम, सद्भाव और विश्वास को मजबूत करने का अवसर है। हम धनबाद और झारखंड के सभी निवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।”

इस अवसर पर बड़ी संख्या में किन्नर समाज के सदस्य उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना और कलश विसर्जन के बाद सभी ने एक-दूसरे को नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं।
समुदाय के लोगों ने सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और धनबाद के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प भी लिया।



आस्था और समावेशिता का संदेश

धनबाद में किन्नर समाज की यह धार्मिक पहल न केवल उनकी आस्था को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पूजा और परंपरा किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं। समाज के सभी वर्गों द्वारा ऐसे धार्मिक आयोजनों में भागीदारी समानता, समरसता और सामाजिक एकता की मिसाल पेश करती है।



रिपोर्ट: अमित शर्मा 

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