धनबाद के एसएनएमएमसीएच में मरीज बेहाल — यूरोलॉजी डॉक्टर का टाइम फिक्स नहीं, मरीज बोले: “डॉक्टर साहब की मर्जी से ही होती है ओपीडी!”
Edited by Akshay prakash
धनबाद:शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में इन दिनों मरीजों का सब्र टूटता जा रहा है। वजह — यूरोलॉजी विभाग के डॉ. गौरव प्रकाश (MBBS, Urology), जिन पर रोज़ाना देर से आने के आरोप लग रहे हैं।
सुबह से लाइन में खड़े मरीज डॉक्टर साहब का इंतज़ार करते रह जाते हैं, लेकिन डॉक्टर कब आएंगे — यह कोई नहीं जानता!
कभी 11:40, कभी 12:20, तो कभी दोपहर 1 बजे तक आते हैं — जबकि ओपीडी का समय सुबह 10 बजे का तय है।
मरीजों की बेबसी:
“हम लोग सुबह 8 बजे से लाइन में लगते हैं। बुज़ुर्ग लोग, छोटे बच्चे सब बैठे रहते हैं। डॉक्टर साहब जब मन करे तब आते हैं। ऐसा लगता है जैसे सरकारी अस्पताल नहीं, कोई प्राइवेट क्लिनिक हो जहाँ डॉक्टर का मूड देखकर ओपीडी खुलती है!”
अस्पताल के कर्मचारी भी इस पर कुछ बोलने से बचते नज़र आए।
जब हमारे संवाददाता ने पूछा — “डॉक्टर साहब रोज़ देर से क्यों आते हैं?”
तो एक कर्मचारी ने बस इतना कहा —
> “इसमें हम क्या करें साहब…”
कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
प्रशासन मौन, मरीज त्रस्त!
अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। नियमों के मुताबिक, सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को ओपीडी में समय पर मौजूद रहना अनिवार्य है, लेकिन यहां मामला उल्टा चलता दिख रहा है।
मरीजों का कहना है कि अगर यही हाल रहा, तो वे स्वास्थ्य विभाग से लिखित शिकायत करेंगे।
> “सरकारी डॉक्टर अगर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तो गरीब मरीज कहाँ जाएंगे?” — एक स्थानीय नागरिक ने कहा।
धनबाद जैसे बड़े शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस तरह की लापरवाही से मरीजों में गुस्सा और निराशा दोनों बढ़ रही है
Comments
Post a Comment