धनबाद SNMMCH में मनमानी का आरोप — बिना X-ray किए मरीज को लौटा दिया, मरीजों का आरोप: “पैरवी और पैसों से चलता है सिस्टम”
Edited by Akshay prakash
धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
मरीजों और उनके परिजनों ने एक्स-रे विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि बिना जांच किए ही मरीजों को लौटा दिया जा रहा है।
जब एक पत्रकार ने इस लापरवाही पर सवाल किया, तो आरोपी एक्स-रे तकनीशियन ने न केवल धमकी दी, बल्कि बदसलूकी भी की।
बिना X-ray किए लौटा दिया मरीज सरकारी अस्पताल में फीस कटवाने के बाद मरीज को बाहर से जांच करवाना पड़ा
मामला गुरुवार का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनका परिजन जांच के लिए SNMMCH आया था, लेकिन एक्स-रे विभाग के कर्मचारियों ने बिना जांच किए ही मरीज को लौटा दिया। फिर मरीज ने अपने पैसे वापस मांगे नहीं दिया गया लास्ट में हार कर मरीज अपनी जांच जा कर प्राइवेट से करवाए
जब परिजन ने कारण पूछा और अनुरोध किया कि नंबर से सब को भेजे मरीज को लाइन से भेज दिया जाए, तो
आरोपी तकनीशियन गुस्से में चिल्लाने लगा —
“कौन बोला है लाइन से भेजने को? सामने आकर बोलो!”
इसके बाद आरोपी ने सीधे मरीज से कहा
“तेरा नहीं होगा X-ray!”
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, आरोपी तकनीशियन अक्सर इसी तरह का रवैया अपनाता है और मरीजों से रुखाई से पेश आता है। सूत्रों के अनुसार तकनीशियन आरोपी कोई सिविल सर्जन ऑफिस के किसी अधिकारी का भाई बताया जा रहा है
मरीज को भी धमका देते है एक्स-रे तकनीशियन विवेक कुमार (आरोपी)
एक्स-रे तकनीशियन विवेक कुमार (आरोपी) ने धमकाए भी क्यों नहीं snnmch के एक स्टाफ ने ही अपना नाम नहीं बताने के शर्त पर बताया कि वो सिविल सर्जन कार्यालय के किसी अधिकारी का भाई है इसीलिए पूरा xray डिपार्टमेंट अपना समझता है
विवेक साहब को इतनी गर्मी है क्या सीधे मरीजों को धमका देते है
“जो करना है कर लो, सबको अच्छे से समझा देंगे।”
उसकी यह बात सुनकर वहां मौजूद मरीजों और परिजनों में आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने कहा कि यह सरकारी अस्पताल नहीं, बल्कि “पैरवी और पैसे” पर चलने वाला ठेका सिस्टम बन गया है।एक मरीज का 8 नंबर था पर उसका नबर 8 न आकर डायरेक्ट 16 चला गया
मरीज का आरोप
“विटामिन M” और पैरवी से चलता है सिस्टम
कई मरीजों और परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में “विटामिन M” यानी पैसे और पैरवी के दम पर ही काम होता है।यहाँ तक कि मरीजों के जांच और रिपोर्ट की प्रक्रिया में भी यही सिस्टम हावी है।
एक मरीज के परिजन ने कहा —
“यहाँ मरीज का जांच तक ‘विटामिन M’ और पैरवी से चलता है, हुजूर मे गरीब हु इस लिए आया हु सरकारी अस्पताल में मेरा न कोई पहुंच है न पैरवी न पैसे है आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं।”
जनता में आक्रोश
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा जैसी स्थिति बन गई।कई लोगों ने कहा कि अस्पताल में आम मरीज की कोई सुनवाई नहीं होती।
एक परिजन ने कहा —
“अगर किसी के पास पैसा या पहचान नहीं है, तो उसका नंबर ही नहीं आता। यहाँ इलाज नहीं, सौदा होता है।”
जब एक मरीज ने x ray Deparment में इसकी शिकायत लेकर गए तो वो भी अपना पल्ला झाड़ लिए बोले रोज का यही हाल है जा कर सुपरडेंट से बोल दीजिए उनसे ही बात कीजिए हम कुछ नहीं कर सकते है
मरीज द्वारा अस्पताल प्रशासन से यह भी पूछा गया है कि यदि मरीज की जांच नहीं हुई उनका पैसा रिफंड नहीं हुआ तो वो पैसा आखिर किस के पास गया
मरीजों को बिना जांच के क्यों लौटाया जा रहा है?
क्या मरीज को धमकाने वाले टेक्नीशियन साहब पर कोई कार्रवाई होती है या वो सिविल सर्जन ऑफिस के अधिकारी के भाई है तो मामला ठंडे बस्ते में जाएगा ये देखने वाली बात होगी
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