धनबाद:जालान अस्पताल फिर से एक बार विवादों में,गर्भवती महिला की मौत के बाद फूटा परिजनों का गुस्सा, इलाज में लापरवाही और ₹50 हजार अवैध वसूली का आरोप

धनबाद:जालान अस्पताल फिर से एक बार विवादों में,
गर्भवती महिला की मौत के बाद फूटा परिजनों का गुस्सा, इलाज में लापरवाही और ₹50 हजार अवैध वसूली का आरोप

Edited by Akshay prakash 

धनबाद के एशियन जालान अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान किरण देवी (निवासी—सरायढेला, धनबाद) के रूप में हुई है, जिन्हें लगभग एक सप्ताह पूर्व सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला की जान चली गई। मृतका के परिजनों के अनुसार, भर्ती के बाद शुरुआत में डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी की बात कही थी, लेकिन बाद में अचानक पेट “सेंसलेस” होने का हवाला देकर ऑपरेशन से इनकार कर दिया गया और नॉर्मल डिलीवरी कराने का प्रयास किया गया।
36 घंटे तक टालमटोल, नहीं बुलाया गया सीनियर डॉक्टर

परिजनों का कहना है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, बावजूद इसके डॉक्टरों ने लगभग 36 घंटों तक इलाज में लापरवाही बरती। गंभीर स्थिति होने के बावजूद किसी भी सीनियर डॉक्टर या विशेषज्ञ को मौके पर नहीं बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज की वास्तविक स्थिति छिपाकर उन्हें गुमराह किया।

डिस्चार्ज की बात, फिर अचानक आईसीयू में शिफ्ट
परिजनों के अनुसार, जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से डिस्चार्ज की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई, उसी दौरान अचानक मरीज की हालत बिगड़ने की जानकारी दी गई। इसके बाद महिला को आनन-फानन में आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

₹50 हजार जमा करने का दबाव, परिजन भड़के
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि मरीज की हालत अत्यंत नाजुक होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा परिजनों पर ₹50,000 जमा करने का दबाव बनाया गया। परिजनों का कहना है कि पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर इलाज में देरी की गई। इसी बात से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पूर्व मेयर पहुंचे मौके पर, जांच की मांग

घटना की सूचना मिलते ही धनबाद के पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल अस्पताल पहुंचे।
 उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जालान अस्पताल की स्थापना चैरिटी और सेवा भावना के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन यहां गरीब और जरूरतमंद मरीजों से पैसों के लिए दबाव बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का आश्वासन दिया।
पुलिस मौके पर तैनात, जांच की मांग तेज
फिलहाल पुलिस अस्पताल परिसर में तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया जा रहा है। परिजन दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

उठते हैं कई गंभीर सवाल
क्या समय पर सही इलाज मिलता तो एक मां की जान बच सकती थी?
क्या निजी अस्पतालों में मानवीय संवेदनाएं खत्म होती जा रही हैं?
क्या इलाज अब सेवा नहीं, बल्कि सिर्फ मुनाफे का जरिया बन गया है?
और इस मौत की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि धनबाद के निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

Comments

Popular posts from this blog

चियरधनिया गांव के लोगों ने मुखिया जी को किया सम्मानित

2 पुलिस पदाधिकारियों को सेवानिवृत्ति पर ससम्मान विदाई

बैंक मोड़ थाना परिसर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,77वां गणतंत्र दिवस थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में हुआ ध्वजारोहण, संविधान के मूल्यों का दिलाया संदेश